Dhaaraa370

Saturday, 15 February 2025

 

नवादा विधान सभा में किसानों की आय दोगुनी करने की रणनीति
एक स्थायी कृषि विकास योजना


  • नवादा की कृषि को विविधीकरण, तकनीक अपनाने, बाजार से जोड़ने और स्थायित्व के माध्यम से सशक्त बनाना।
  • लक्ष्य: 5-7 वर्षों में किसानों की आय को दोगुना करना

नवादा कृषि की प्रमुख चुनौतियाँ

  • पारंपरिक कम-मूल्य वाली फसलों (धान, गेहूं) पर निर्भरता।
  • बाजार पहुंच की कमी और बिचौलियों पर निर्भरता।
  • सीमित सिंचाई सुविधाएं और अनियमित वर्षा।
  • भंडारण और प्रसंस्करण अधोसंरचना की कमी के कारण कटाई के बाद नुकसान।

आय बढ़ाने की मुख्य रणनीतियाँ

  1. फसल विविधीकरण और उच्च-मूल्य वाली खेती
  2. किसान उत्पादक संगठन (FPOs) को सशक्त बनाना
  3. डेयरी, मुर्गीपालन और पशुपालन को बढ़ावा
  4. बेहतर सिंचाई और जल प्रबंधन
  5. फसल कटाई के बाद की अवसंरचना और मूल्य संवर्धन
  6. डिजिटल कृषि और बाजार पहुंच

फसल विविधीकरण और उच्च-मूल्य वाली खेती

  • लीची, केला, आम, ड्रैगन फ्रूट और मखाना को बढ़ावा देना।
  • सब्जियों और औषधीय पौधों की जैविक खेती का समर्थन।
  • संरक्षित खेती (ग्रीनहाउस, पॉलीहाउस) को प्रोत्साहित करना।
  • अपेक्षित प्रभाव: प्रति एकड़ आय में 30-50% वृद्धि

किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को सशक्त बनाना

  • 2027 तक 10 नए FPOs का गठन
  • FPOs को कम-ब्याज ऋण और प्रशिक्षण प्रदान करना।
  • ई-नाम और अनुबंध खेती के माध्यम से सीधी बिक्री को सक्षम बनाना
  • अपेक्षित प्रभाव: बिक्री मूल्य में 15-20% की वृद्धि

डेयरी और पशुपालन को बढ़ावा

  • 2 नए चिलिंग प्लांट के साथ सुधा डेयरी नेटवर्क का विस्तार।
  • हाइब्रिड पशुओं की आपूर्ति और 75% चारा सब्सिडी
  • मुर्गीपालन और बकरी पालन केंद्रों की स्थापना
  • अपेक्षित प्रभाव: डेयरी और पशुपालन में 30-50% आय वृद्धि

सिंचाई और जल प्रबंधन को सशक्त बनाना

  • पीएम-कुसुम सौर सिंचाई योजना का विस्तार
  • 10 नए चेक डैम और 50 पुनर्भरण कूपों का निर्माण
  • ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को प्रोत्साहित करना।
  • अपेक्षित प्रभाव: उत्पादकता में 20% वृद्धि

फसल कटाई के बाद की अवसंरचना और मूल्य संवर्धन

  • 3 कोल्ड स्टोरेज यूनिट और खाद्य प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना
  • मकई को स्टार्च, कॉर्नफ्लेक्स और पशु आहार में प्रसंस्करण
  • मखाना प्रसंस्करण और शहद पैकेजिंग इकाइयों की स्थापना
  • अपेक्षित प्रभाव: नुकसान में 30% की कमी और मुनाफे में 40% की वृद्धि

डिजिटल कृषि और बाजार पहुंच

  • ई-नाम और ऑनलाइन व्यापार में 100% किसानों की भागीदारी
  • मौसम, कीट नियंत्रण और मूल्य भविष्यवाणी के लिए AI आधारित सलाहकार सेवाएँ
  • नवादा के 200 गाँवों में डिजिटल केंद्रों की स्थापना
  • अपेक्षित प्रभाव: बेहतर बाजार पहुंच, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी।

वित्तीय आवश्यकताएँ और वित्त पोषण स्रोत

घटक

अनुमानित लागत (करोड़)

वित्त पोषण स्रोत

फसल विविधीकरण

50

पीएम कृषि सिंचाई योजना, राज्य सरकार

FPO सशक्तिकरण

30

नाबार्ड, निजी निवेश

डेयरी और पशुपालन

40

राष्ट्रीय गोकुल मिशन, COMPFED

सिंचाई और जल प्रबंधन

100

पीएम-कुसुम, जल जीवन हरियाली

कोल्ड स्टोरेज और प्रसंस्करण

80

मेगा फूड पार्क, निजी क्षेत्र

डिजिटल कृषि

20

ई-नाम, एग्री-टेक स्टार्टअप्स

कुल

₹320 करोड़

सरकारी + निजी + NGO


2030 तक अपेक्षित प्रभाव

संकेतक

वर्तमान स्थिति

लक्ष्य

वार्षिक औसत किसान आय

₹70,000

₹1,50,000+

सक्रिय FPOs

4

15+

कोल्ड स्टोरेज यूनिट

1

3

पोल्ट्री फार्म

5

25

बाजार पहुंच (ई-नाम, डिजिटल)

10% किसान

75% किसान

सिंचाई कवरेज

55%

85%


निष्कर्ष और आगे की राह

  • कृषि, पशुपालन और तकनीक का एकीकृत दृष्टिकोण।
  • वित्तपोषण और नवाचार के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी।
  • सरकारी और NGO समर्थन से मजबूत संस्थागत ढांचा।
  • किसानों के लिए निरंतर प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम।
  • लक्ष्य: नवादा में एक समृद्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था की स्थापना!

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